केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का किसानों से संवाद

नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित आईसीएआर– केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान में किसानों से संवाद किया और किसानों को कृषि उपकरण व इनपुट किट का वितरण किया। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमें इंटीग्रेटेड फार्मिंग की ओर बढ़ना होगा ।

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल स्थित आईसीएआर– केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में अपने विदिशा संसदीय क्षेत्र के बुधनी विधानसभा के किसान भाइयों-बहनों से संवाद किया और उन्हें कृषि उपकरण व इनपुट किट का वितरण किया। साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने नवरात्रि के पावन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए देशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। श्री चौहान ने कहा कि नवरात्रि के अवसर पर देवी मां की कृपा भी बरसेगी और केंद्र सरकार के नए जीएसटी सुधारों का उपहार भी मिला है। रोज़मर्रा की ज़रूरत की सभी चीज़ें जो अत्यंत महत्वपूर्ण हैं या तो उन पर जीएसटी 0% हो गई है या दरें कम हो गई है।

जीएसटी सुधार का सीधा लाभ जनता और किसानों को मिलेगा

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी नए जीएसटी सुधार लागू करने पर बधाई देता हूं। लागू किए गए जीएसटी सुधारों से आमजन और किसान दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि, रोज़मर्रा की ज़रूरत की अत्यंत आवश्यक चीज़ों पर अब जीएसटी शून्य प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि खेती-बाड़ी से जुड़ी वस्तुओं पर 18 और 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से संवाद करते हुए कहा कि, 35 हॉर्स पावर के ट्रैक्टर पर अब किसानों को 43 हज़ार रुपये की बचत होगी। उन्होंने कहा, जनता प्रसन्न है, यह बहुत बड़ा तोहफ़ा प्रधानमंत्री जी ने दिया है। सभी को बधाई और शुभकामनाएं। केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि, जीएसटी सुधारों के लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए बचत सप्ताह मनाया जाएगा। इसके तहत कार्यकर्ता, व्यापारिक संगठन और सामाजिक संगठन जनता के बीच दो संदेश लेकर जाएंगे। पहला, जीएसटी से होने वाला लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचे। दूसरा, स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा, जनता वही चीज़ खरीदे जो अपने देश में बनी हो, जिसमें अपने लोगों का पसीना बहा हो और जिसकी आमदनी हमारे लोगों को मिले। इससे रोज़गार के अवसर बढ़ेंगे और देश की अर्थव्यवस्था मज़बूत होगी।

जनता को महंगाई की मार से राहत मिली

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि एक ऐसा शासनकाल भी था जब महंगाई की मार ने जनता की कमर तोड़ दी थी। लोग भूले नहीं हैं कि, महंगाई की दरें क्या होती थी। आज एक तरफ महंगाई से राहत है, तो दूसरी तरफ करों में राहत है और तीसरी तरफ निःशुल्क राशन, किसान सम्मान निधि, लखपति दीदी, स्ट्रीट वेंडर योजना और आयुष्मान भारत जैसी सुविधाओं से जनता की जिंदगी आसान हुई है।

नए यंत्रो से किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आईसीएआर– केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान को बधाई देते हुए कहा कि, संस्थान द्वारा बनाए गए नए कृषि उपकरणों को किसानों के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि. बैटरी से चलने वाला नया स्प्रेयर मशीन किसानों के लिए बहुत उपयोगी है। यह मशीन आसानी से कंधे पर लटकाकर उपयोग की जा सकती है। दवा या अन्य किसी भी चीज़ का स्प्रे करना अब और आसान हो गया है। संस्थान ने बहुत अच्छी मशीन बनाई है, इसके लिए उन्हें बधाई देता हूं। वहीं उन्होंने कहा कि, सब्ज़ियों की रोपाई के लिए भी संस्थान ने एक विशेष यंत्र तैयार किया है। अब टमाटर, बैंगन, मिर्च जैसे पौधों की रोपाई मशीन से की जा सकेगी। हाथ से लगाने में समय लगता है और पौधे कभी गहराई में कम या ज़्यादा लग जाते हैं, लेकिन इस यंत्र से एक मिनट में 12–15 पौधे लगाए जा सकते हैं और पौधा ठीक उतनी ही गहराई में जाएगा जितनी आवश्यकता है। शिवराज सिंह ने कहा कि, ऐसे उपकरण खेती को अधिक आसान और समय बचाने वाला बनाएंगे, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी।

इंटीग्रेटेड फार्मिंग की ओर बढ़ना होगा

केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, अब केवल फसल से काम नहीं चलेगा, किसानों को सब्ज़ी, भाजी और फलों की अच्छी उत्पादन तकनीक अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि, खेती के साथ अन्य आय के साधनों को जोड़कर ही किसान अपनी आमदनी को दोगुना कर सकते हैं। श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से संवाद के दौरान कहा, “मैं यहीं नहीं रुकूंगा। खेती के साथ दूसरा काम-धंधा चालू करवाना है। मैं, इसे इंटीग्रेटेड फार्मिंग नाम दे रहा हूं, जिसमें खेती के साथ पशुपालन, मधुमक्खी पालन, बकरी पालन, मुर्गी पालन और मछली पालन जैसे कम से कम एक धंधे को और जोड़ा जाए। इससे हम आसानी से अपनी आमदनी बढ़ा पाएंगे। उन्होंने कहा कि, मोदी सरकार की नीतियों का उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है।

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