निक्षय दिवस में अब तक हुई 7.5 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग – भ्रांतियों को हराकर जागरुकता की अलख जला रहा ‘निक्षय दिवस’
आगरा, 17 जनवरी 2026: बरौली अहीर ब्लॉक के ग्राम चमरौली निवासी 21 वर्षीय नसरीन (बदला हुआ नाम) बताती हैं कि नसरीन बताती हैं कि आशा कार्यकर्ता गगनदेवी मुझे निक्षय दिवस के अवसर पर चमरौली (कहरई) आयुष्मान आरोग्य मंदिर में लगाए गए कैंप में ले गई। उनकी टीबी का उपचार मई 2025 में पूर्ण हो चुका है। जून में हुई टीबी की फॉलोअप जांच में वह टीबी मुक्त पाई गई हैं। उन्होंने बताया कि 6 अगस्त 2025 को उन्होंने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया, जिसका वजन 3.5 किलो था।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि निक्षय दिवस के माध्यम से दिसंबर 2022 से दिसंबर 2025 तक 7.5 लाख लोगों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक 30079 लोगों में टीबी की पुष्टि हुई और उनका उपचार चलाया जा रहा है, इस दौरान वर्ष 2025 में जनवरी से दिसंबर तक 27159 टीबी मरीजों ने सफल उपचार कराकर खुद को टीबी मुक्त कर लिया है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता ने बताया कि जनपद आगरा पूरे प्रदेश में टीबी मरीजों को खोजने के मामले में अव्वल रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद में 215 आयुष्मान आरोग्य मंदिर, 53 डेजिग्नेटेड माइक्रोस्कोपी सेंटर (डीएमसी) 26 टीबी यूनिट, 44 प्राइमरी हेल्थ इंस्टीट्यूट (पीएचआई) और 30 अर्बन पीएचसी पर हर माह की 15 तारीख को निक्षय दिवस मनाया जाता है। डीटीओ ने बताया कि जनपद में सीएचओ दिव्या द्वारा अब तक चार हजार से अधिक टीबी रोगियों को निक्षय दिवस के माध्यम से नोटिफाई किया है, जो जनपद के सभी सीएचओ में सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा है।
डीटीओ ने बताया कि टीबी दो तरह की होती है। 1. पल्मोनरी टीबी ( फेफड़ों की टीबी ) 2. एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी बाल और नाखून को छोड़कर शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। उन्होंने बताया कि टीबी का उपचार पूरी तरह संभव है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या फिर निक्षय दिवस में आकर अपनी टीबी की जांच अवश्य कराएं।
