प्रदूषण से बिगड़ता स्वास्थ: बच्चों का नियमित मेडिकल चेक अप हो
नई दिल्ली, 19 जनवरी, 2026 – दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी दिल्ली में प्रदूषण पूरे साल रहता है जी की एक जटिल समस्या बन गया है, दिल्ली के 37 सक्रिय वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनो में 27 पर एक्यूआई 400 के पार है और बचे 10 स्टेशनों पर भी बहुत ही खराब में है।जिस पर नियंत्रण के लिए भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार के पास कोई ठोस योजना और उपाय उपलब्ध नहीं है। ठंड, कोहरा और स्मॉग की मार से दिल्ली गैस चैंबर में तबदील हो चुकी है
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में लगभग 18 लाख छात्र पढ़ते है और दिल्ली नगर निगम में 8 लाख बच्चे प्राथमिक स्कूलों में पढ़ते है अगर पूरी दिल्ली के सभी स्कूलों के छात्रां की बात करे तो यह संख्या 45 लाख के आसपास है। उन्होंने कहा कि 0-10 वर्षे के बच्चे प्रदूषण से 43 प्रतिशत प्रभावित होते है, आम प्रभावित होने वालों के अनुपात में 5 प्रतिशत अधिक है। गंभीर प्रदूषण में पीएम 10 और पीएम 2.5 प्रदूषण में कणों की सांद्रता के कारण छात्रों सहित हर उम्र के लोग प्रभावित है और अस्पतालों में पहुॅचने वाले मरीजों में 8 प्रतिशत प्रदूषण से प्रभावित लोग आ रहे है।
पढ़ने वाले छात्रों का नियमित हैल्थ चेकअप की योजना को तुरंत लागू करना चाहिए। हैल्थ चेकअप से गंभीर प्रदूषण में स्कूल आने वाले छात्र किन-किन बीमारियों से ग्रस्त हो रहे है इसका पता चल सकेगा और अगर स्वास्थ्य संबधी कोई गंभीर बीमारी है तो उसका इलाज सरकारी अस्पतालों में मुफ्त किया जाना चाहिए।
पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार ने पूरे 11 वर्ष दिल्ली की जनता को सिर्फ घोषणाओं और इंवेट मेनेजमेंट के द्वारा गुमराह किया था। उन्होंने कहा कि दिल्ली के 37 सक्रिय वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनो में 27 पर एक्यूआई 400 के पार है और बचे 10 स्टेशनों पर भी बहुत ही खराब में है।
