मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी का प्रदेशव्यापी प्रदर्शन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देशन में काशी के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में मंगलवार को आम आदमी पार्टी ने उत्तर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में जिला कलेक्ट्रेट पर एक साथ ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने इसे हिंदू आस्था, परंपरा और सनातन संस्कृति पर भाजपा सरकार का सीधा हमला बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में पौराणिक मंदिरों का ध्वस्तीकरण सरकार की असली मानसिकता को उजागर करता है। आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि “रोज़गार दो, सामाजिक न्याय दो” पदयात्रा में शामिल होने के कारण काशी प्रांत के कुछ जिलों में पदयात्रा के चलते यह विरोध प्रदर्शन नहीं हो सका।
प्रदेशभर में हुए प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ तीखे नारे लगाए और कहा कि मणिकर्णिका घाट केवल एक घाट नहीं, बल्कि हिंदू धर्म और आस्था का सबसे पवित्र केंद्र है, जहां सदियों से अंतिम संस्कार होते आए हैं और जहां से मोक्ष की मान्यता जुड़ी है। ऐसे पौराणिक स्थल पर स्थित प्राचीन मंदिरों को तोड़ना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर इतिहास, संस्कृति और धार्मिक परंपराओं को मिटाने का षड्यंत्र कर रही है।
यह सब किसी विदेशी आक्रांता के शासन में नहीं, बल्कि भाजपा की मोदी सरकार के दौर में, प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में हो रहा है.
आगरा में भी प्रदर्शन हुआ जिलाध्यक्ष पंडित सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़ना हिंदू समाज की आस्था पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव के समय धर्म और मंदिर की राजनीति करती है, लेकिन सत्ता में आते ही वही भाजपा मंदिरों पर बुलडोज़र चलवाती है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि काशी की पहचान, परंपरा और आत्मा के साथ किया गया यह अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आम आदमी पार्टी जनता की आवाज़ बनकर इस लड़ाई को अंत तक लड़ेगी।
