86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) शुरू, 21 को होगा समापन

लोक सभा सचिवालय 19 जनवरी 2026: नई दिल्ली/लखनऊ

86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) का उद्घाटन लखनऊ में उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने किया।

सम्मेलन में 28 राज्यों, 3 केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं तथा 6 विधान परिषदों के पीठासीन अधिकारी सहभागिता कर रहे हैं। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष श्री सतीश महाना ने सम्मेलन में शामिल सभी पीठासीन अधिकारियों के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का शुभकामना संदेश पढ़ा।

अपने लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के अपने मुख्य उद्बोधन में कहा कि पीठासीन अधिकारी का आचरण दलगत राजनीति से हटकर पूर्णतः न्यायपूर्ण एवं निष्पक्ष होना व दिखना भी चाहिए।

विधायिका के माध्यम से जनता की आकांक्षाएं और आवाज़ शासन तक पहुँचती है, तथा उनका समाधान होता है। ऐसे में राज्य विधानमंडलों की कार्यवाही का घटता समय सभी के लिए चिंताजनक है, आगे कहा कि सदन जितना अधिक चलेगा, उतनी ही अधिक सार्थक, गंभीर और परिणामोन्मुख चर्चा संभव होगी।

उन्होंने कहा कि आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी और सोशल मीडिया के युग में जनप्रतिनिधियों के प्रत्येक आचरण पर जनता की दृष्टि रहती है, इसलिए संसदीय शिष्टाचार और अनुशासन का पालन और भी अधिक आवश्यक हो गया है।

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन जैसे मंच लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच सहयोग को बढ़ाते हैं, आपसी समन्वय को मजबूत करते हैं और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाते हैं।

यह चौथी बार है जब उत्तर प्रदेश इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इससे पूर्व राज्य में दिसंबर 1961, अक्तूबर 1985 तथा जनवरी–फरवरी 2015 में इस सम्मेलन का आयोजन किया जा चुका है।

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