युवा कांग्रेस ने पीएम मोदी के जन्मदिन को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मनाया
50 सालों में सबसे ज्यादा बेरोजगारी, नौकरी नहीं, सिर्फ अडानी को फायदा, हम आज फ़िर से दोहराते हैं कि मोदी वोट चोर हैं, नौकरी चोर हैं: उदय भानु चिब
नई दिल्ली, 17 सितंबर 2025: भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में आज पीएम मोदी के जन्मदिन को राष्ट्रीय बेरोजगार दिवस के रूप में मनाया और “नौकरी चोर, गद्दी छोड़” नारे के तहत एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर भारतीय युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने आज पीएम मोदी के जन्मदिन पर सांकेतिक प्रदर्शन करते हुए चाय के, पकोड़े के आदि चीजों के दुकान लगाई, उन्हें काले गुब्बारों से सजाया और प्रदर्शन किया, इसके पीछे मुख्य मकसद था ये दिखाना कि आज देश के युवा मजबूर है डिग्री होने बावजूद चाय और पकोड़े की दुकान लगाने पर।
इस अवसर पर भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि क्योंकि मोदी जी को वोट चोरी करके ही पीएम बनाना है, राहुल गांधी जी ने साबित कर दिया है और हम आज फ़िर से दोहराते हैं कि मोदी वोट चोर हैं, नौकरी चोर हैं। “नौकरी चोर, गद्दी छोड़” कान खोल कर सुनो लो मोदी-शाह, ये देश के नौजवान युवाओं की आवाज है और जब तक उन्हें रोजगार नहीं मिलेगा, हम चुप नहीं बैठेंगे।
उदय भानु चिब ने यह भी कहा कि अब समय आगया है कि मोदी जी अब चौराहे पर आए, क्योंकि अब जनता उन्हें गद्दी से धकेलने का इंतजार कर रही है। मोदी सरकार के राज में देश आज आर्थिक मंदी से जूझ रहा है और देश में आज बेरोजगारी दर बढ़ती जा रही है। मोदी जी ने देश के युवाओं से हर वर्ष 2 करोड़ रोजगार देने का वायदा किया था, उस हिसाब से आज देश में 16 करोड़ युवाओं को रोजगार मिल जाना चाहिए था, पर असलियत यह है 16 करोड़ युवाओं को रोजगार तो नही मिला पर 22 करोड़ लोगो के आवेदन जरूर आए। उन्होंने यह भी कहा की मोदी जी को देश के युवाओं के रोजगार की चिंता तो नही पर अमित शाह के बेटे जय शाह के रोजगार की अवश्य है, देश के युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रहे है, पर 1 रुपए में अडानी को 1,050 एकड़ ज़मीन जरूर दे पा रहे है, क्या यही है मोदी जी का ‘नया भारत’?
इस अवसर पर भारतीय युवा के अनेकों कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, इस दौरान दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा, राष्ट्रीय महासचिव खुशबू शर्मा, राष्ट्रीय सचिव हरि कृष्णा, हैवरान सिंह कंसाना और अनेकों कार्यकर्ता सांकेतिक प्रदर्शन में शामिल हुए।
