स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान शुरु, 14 फ़रवरी को समापन
आगरा, 29 जनवरी 2026
जिले में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (30 जनवरी) से स्पर्श कुष्ठ जागरुकता अभियान शुरू होगा, जो 14 फरवरी तक चलेगा। सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर शपथ ली जाएगी और लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस दौरान कुष्ठ आश्रम में रहने वाले कुष्ठ रोगियों को एमसीआर चप्पल, कॉटन, गौज, सेल्फ केयर किट और दवाएं आदि वितरित की जाएंगी ।उक्त जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरूण श्रीवास्तव ने दी
जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ. जितेन्द्र कुमार लवानिया ने बताया कि कुष्ठ रोग माइक्रो वेक्टीरियम लैप्री नामक जीवाणु से होता है। यह आनुवांशिक एवं छुआछूत रोग नहीं है। समय से जांच और उपचार कराने से दिव्यांगता से भी बचा जा सकता है। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग की दवा सभी सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होती है। उन्होंने बताया कि जनपद में अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 तक 74 नये कुष्ठ मरीज खोजे गये हैं। जिसमें पीबी-(पॉसी बेसिलरी) 15 और एमबी- (मल्टी बेसिलरी) 59 हैं। सभी का इलाज शुरू कर दिया गया है।
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. ध्रुव गोपाल ने बताया कि कुष्ठ रोगियों के परिवार के स्वस्थ व्यक्तियों व उसके आस-पास के 10 घरों के स्वास्थ व्यक्तियों (कॉन्टेक्टस) को कुष्ठ रोग से सुरक्षित रखने के लिए रिफामपसिन दवा की सिगल सुपरवाइज्ड डोज दिया जाना प्रारंभ किया गया है। इस रिफामपसिन दवा की मात्रा सिगल डोज बैक्टीरिया को 99.99 प्रतिशत खत्म कर देती है। इस दवा का व्यक्ति पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं होता है।
रोग के सामान्य लक्षण
• शरीर का कोई भी दाग धब्बा जिस पर सुन्नपन हो, उसमें खुजली ना हो,उसमें पसीना ना आता हो कुष्ठ रोग हो सकता है
• शरीर की संवेदना वाहक नसों में मोटापन व दर्दीलापन कुष्ठ रोग का लक्षण हो सकता है।
• कान की पाली का मोटा होना व कान पर गांठे होना।
• हथेली और तलवों पर सुन्नपन हो
उपचार—
पीबी- (पॉसी बेसिलरी) छह माह तक इलाज
एमबी- (मल्टी बेसिलरी) 12 माह तक इलाज
