मोदी मंथन के 75 साल!

नई दिल्ली:

प्रधान मंत्री मोदी ने भारत के शासन करने, विश्व के साथ सहयोग करने और अपने नागरिकों को सशक्त बनाने के तरीके को नये सिरे से परिभाषित किया। शासन के क्षेत्र में हर पहल को ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचा, उन्हें दैनिक जीवन की मुख्यधारा में शामिल किया और साहसिक, नवोन्मेषी तरीकों से उन्हें संस्थागत बना दिया।

  • डिजिटल इंडिया: मनो भारत के हर एक नागरिक के हाथ में समुद्र मंथन का अमृत लग गया हो जिसने हर भारतीय को शशक्त बनाया और भारत को विकसित देशो के बगल में लेकर काढ़ा कर दिया 2015 में प्रधानमंत्री ने इसकी शुरुआत की जिसमें एक ऐसे राष्ट्र की परिकल्पना की गई जहां हर नागरिक को डिजिटल पहुंच की सुविधा प्राप्त हो, सरकारी सेवाएं एक बटन के क्लिक पर उपलब्ध हों और सुदूरवर्ती गांव भी हाई-स्पीड इंटरनेट से जुड़े हों।

  • यूपीआई क्रांति: उनके नेतृत्व में, यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) ने भारत को उन प्रमुख देशों में से एक में बदल दिया, जहां वास्तविक समय, निर्बाध डिजिटल भुगतान जगमगाते शहरों से लेकर ग्रामीण बाजारों तक सभी के लिए एक वास्तविकता बन गया।

  • टेक-फर्स्ट ब्यूरोक्रेसी: श्री मोदी ने प्रशासनिक अधिकारियों को प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, उन्हें नवोन्मेषण, विशेष रूप से स्टार्टअप्स और एमएसएमई के लिए उत्प्रेरक बनने के लिए प्रोत्साहित किया।

  • मेक इन इंडिया:  मोदी ने वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने और भारत को एक विनिर्माण महाशक्ति में बदलने के लिए इस प्रमुख पहल की शुरुआत की, जो देश को आगे बढ़ाने की दिशा में एक अभूतपूर्व कदम है।

  • पीएम जन धन योजना: अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय समावेशन अभियान, जो बैंकिंग सुविधा से वंचित करोड़ों नागरिकों को औपचारिक वित्तीय प्रणाली में शामिल करता है।

  • अंतरिक्ष और डिजिटल नेटवर्क: भारत ने दूरसंचार, 5जी और 6जी रेडीनेस की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है, समुद्र के नीचे केबलों और फाइबर नेटवर्क का एक जाल सा बुन दिया है, जिससे सबसे दूर के और समुद्री अंतर्क्षेत्र भी ऑनलाइन हो गये हैं।

 

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